स्वर्ण प्राशन – आयुर्वेदिक वैक्सीनेशन पद्धति और तिवारी दंपति का अभियान


बच्चों के ये डाक्टर दंपति इस स्वर्ण प्राशन की दवा को बहुत कारगर पा रहे थे, इसलिए इसे अभियान के रूप में अपनाने का संकल्प लिया. अन्यथा, कोई एलोपैथिक डाक्टर किसी आयुर्वैदिक चिकित्सा की प्रशंसा करने का पाप तो कभी नहीं करता. 😁

जोगी बाबा – सिद्धिनाथ मन्दिर का साधू और अनाथ गौवंश को पालनेवाला


पिछले दो साल से इस इलाके में साइकिल से घूम रहा हूं मैं, पर राजकुमारनाथ (जोगी बाबा) जैसा विलक्षण व्यक्ति नहीं पाया मैने।

उमादास


गुरु द्वारा दिया नाम उमादास। गृहस्थ नाम ॐ प्रकाश शुक्ल। बांसगांव, देवरिया के रहने वाले। कृशकाय शरीर। पर्याप्त स्फूर्ति। साधू। उमादास नाम गुरु का दिया है। गुरु का नाम भी बताया उन्होने। बनारस के हैं गुरूजी। चाय की चट्टी पर अचानक दिखे। चट्टी वाले अरुण से मैने उनके बारे में पूछा – कौन हैं? “होंगेContinue reading “उमादास”

खत्म हो फोटोग्राफ़र्स का व्यवसाय


मैं गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखने गया था। हॉल खचाखच भरा था। रेलवे के परिवार थे। रेलवे के स्कूलों के छात्र-छात्रायें थे और बाहरी व्यक्ति भी थे। मीडिया वाले भी। कार्यक्रम का स्तर अच्छा था। मुझे आगे की कतार में जगह मिली थी। कुछ बायीं ओर। स्टेज को देखनेContinue reading “खत्म हो फोटोग्राफ़र्स का व्यवसाय”

गोल्फार के सफाई वाले


शनीवार का सवेरा। दस बज गया था पर धूप नहीं निकली थी। रात में कोहरा नहीं था, पर धुन्ध बनी हुई थी। यकीन इस लिये भी था कि स्मार्टफोन का एप्प भी मिस्ट बता रहा था। कोई काम न हो और मन में उलझन हो, तो सैर पर निकल जाने से बेहतर कुछ नहीं। मैनेContinue reading “गोल्फार के सफाई वाले”

कउड़ा


आज तीसरा दिन था, घाम नहीं निकला। शुक्रवार को पूरे दिन कोहरा छाया रहा। शीत। शनीचर के दिन कोहरा तो नहीं था, पर हवा चल रही थी और पल पल में दिशा बदल रही थी। स्नान मुल्तवी कर दिया एक दिन और फ़ेसबुक पर लिखा – और भी गम हैं जमाने में नहाने के सिवा।Continue reading “कउड़ा”