जन प्रतिनिधि


लगभग दो दशक की बात है – मालवा, मध्यप्रदेश में एक सांसद महोदय मेघनगर में राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग करते हुये कह रहे थे – बेचारे “गरीब आदिवासी जनों के लिये” मेघनगर में राजधानी एक्सप्रेस रुकनी चाहिये। मेघनगर में अगर राजधानी एक्स्प्रेस रुकती तो वहां चढ़ने-उतरने वाले वही भर होते। वही गरीब आदिवासीContinue reading “जन प्रतिनिधि”

टमटम पर प्रचारक


वह अपनी टमटम पर आया था कतरास से। पूरे चुनाव के दौरान सांसद महोदय (श्री रवीन्द्र पाण्डेय) का प्रचार किया था उसने लगभग दो हफ्ते। नाम है विद्यासागर चौहान। विकलांग है। पैर नहीं हैं। किसी तरह से टमटम पर बैठता है। उसकी आवाज में दम है और जोश भी। दम और जोश प्रचार के लियेContinue reading “टमटम पर प्रचारक”

“मोदी पसन्द है। पर लोग उसे बनने नहीं देंगे!”


लोकभारती में कल सयास गया। दफ़्तर से लौटते समय शाम के सात बज जाते हैं। सिविल लाइन्स से उस समय गुजरते हुये मैने हमेशा लोकभारती को बन्द पाया। इस बीच पुस्तकें खरीदने का काम भी इण्टरनेट के माध्यम से चला। अत: लोकभारती गये सात आठ महीने हो गये थे। कुछ दिन पहले द हिन्दू मेंContinue reading ““मोदी पसन्द है। पर लोग उसे बनने नहीं देंगे!””

माधव सदाशिव गोलवलकर और वर्गीज़ कुरियन


वर्गीज़ कुरियन की पुस्तक – ’आई टू हैड अ ड्रीम’ में एक प्रसंग माधव सदाशिवराव गोलवलकर ’गुरुजी” के बारे में है। ये दोनों उस समिति में थे जो सरकार ने गौ वध निषेध के बारे में सन् १९६७ में बनाई थी। इस समिति ने बारह साल व्यतीत किये। अन्त में मोरारजी देसाई के प्रधानमन्त्रित्व केContinue reading “माधव सदाशिव गोलवलकर और वर्गीज़ कुरियन”

पी.जी. तेनसिंग की किताब से


पी.जी. तेनसिंग भारतीय प्रशासनिक सेवा के केरल काडर के अधिकारी थे। तिरालीस साल की उम्र में सन् २००६ में कीड़ा काटा तो सरकारी सेवा से एच्छिक सेवानिवृति ले ली। उसके बाद एक मोटर साइकल पर देश भ्रमण किया। फ्रीक मनई! उनके सहकर्मी उनके बारे में कहते थे – दार्शनिक, ढीला पेंच, दारू पीने के लियेContinue reading “पी.जी. तेनसिंग की किताब से”

जवाहिरलाल का बोण्ड्री का ठेका


जवाहिरलाल कई दिन से शिवकुटी घाट पर नहीं था। पण्डाजी ने बताया कि झूंसी में बोण्ड्री (बाउण्ड्री) बनाने का ठेका ले लिया था उसने। उसका काम खतम कर दो-तीन दिन हुये वापस लौटे। आज (फरवरी 14’2012) को जवाहिरलाल अलाव जलाये बैठा था। साथ में एक और जीव। उसी ने बताया कि “कालियु जलाये रहे, परऊंContinue reading “जवाहिरलाल का बोण्ड्री का ठेका”