मतदाता वशीकरण यज्ञ और अन्य बातें


देखा कि गांव की सड़कें जो योगी सरकार ने आते ही ठीक करवाई थीं, अब साढ़े चार साल में उधड़ गयी हैं। उनपर सवार हो कर वोट नहीं खींचे जा सकते। सो बारिश का मौसम बीतते ही वोट-खींचक यज्ञ (या मतदाता वशीकरण यज्ञ) प्रारम्भ कर दिया गया है। सड़क किनारे अलकतरा के ड्रम सीधे खड़े कर उन्हें गरम किया जा रहा है।

हेमेन्द्र सक्सेना जी के संस्मरण – पुराने इलाहाबाद की यादें (भाग 4)


भारत के उज्वल भविष्य की हमारी आशायें किसी अनिश्चय या भय से कुन्द नहीं हुई थीं। हम यकीन करते थे कि आम आदमी की जिन्दगी आने वाले समय में बेहतर होने वाली है।

“राटन” खरबूजा


कस्बाई लोगों को अंगरेजी नहीं आती। उत्तरप्रदेश के कस्बाई लोगों का अंगरेजी में हाथ तंग है; यह जगत विदित है। यही नजारा आज मुझे दिखा। नवरात्र का समय। हम महराजगंज बाजार (भदोही जिला) में फलाहार तलाश रहे थे। एक ठेले पर खरबूजा दिखा। दो ढेरियों में – चालीस रुपये किलो और बीस रुपये किलो। देखनेContinue reading ““राटन” खरबूजा”