सर्विसेज


मेरी पत्नीजी अपने परिवेश से जुड़ना चाहती थीं – लोग, उनकी समस्यायें, मेला, तीज-त्योहार आदि से। मैने भी कहा कि बहुत अच्छा है। पर यह जुड़ना किसी भी स्तर पर पुलीस या प्रशासन से इण्टरेक्शन मांगता हो तो दूर से नमस्कार कर लो। इस बात को प्रत्यक्ष परखने का अवसर जल्द मिल गया। वह वर्दी … Continue reading “सर्विसेज”

नत्तू गुण्डा पांड़े


आगे टीशर्ट चढ़ी तोंद और पीछे डायपर युक्त तशरीफ लिये साल भर के नत्तू को जब उसकी मां घसीट कर कमरे में ले जाने का यत्न करती है तो बद्द-बद्द चलते वह दूसरे हाथ और दोनो पैर से जो भी चीज सीमा में आ जाती है, उसको गिराने-लुढ़काने या ठोकर मारने का पूरा प्रयास करता … Continue reading “नत्तू गुण्डा पांड़े”

नत्तू पांड़े, नत्तू पांड़े कहां गये थे?


नत्तू पांड़े नत्तू पांड़े कहां गये थे? झूले में अपने सो रहे थे सपना खराब आया रो पड़े थे मम्मी ने हाल पूछा हंस गये थे पापा के कहने पे बोल पड़े थे संजय ने हाथ पकड़ा डर गये थे वाकर में धक्का लगा चल पड़े थे नत्तू पांड़े नत्तू पांड़े कहां गये थे?!   … Continue reading “नत्तू पांड़े, नत्तू पांड़े कहां गये थे?”