एक ब्लॉगर की सबसे बड़ी तलब यह होती है कि जैसे ही वह पब्लिश बटन दबाये, उसकी पोस्ट फीड एग्रेगेटर पर तुरंत दिखे। फीड एग्रेगेटरों से बहुत से ब्लॉगरों की तल्खी इस मुद्दे पर देखी गयी है। यह पोस्ट इसी मुद्दे पर मेरे फुटकर विचार हैं। ई-पण्डित की तरह महारत नहीं है तकनीकी लेखन मेंContinue reading “पिंग सेवायें – फीडबर्नर, चिठ्ठाजगत और ब्लॉगवाणी”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
कलजुग केवल चुगद अधारा!
चुगद बहुत पवित्र शब्द है। महालक्ष्मी का वाहन। कलयुग में महालक्ष्मी अधिष्ठात्री देवी हैं। उनका वाहन माने प्रधानमंत्री जी छाप बड़मनई का ओएसडी (ऑफीसर ऑन स्पेशल ड्यूटी)। इस लिये फुरसतिया जब अपने को चुगद घोषित करते हैं तो मन करता है कि इंक ब्लॉगिंग की तकनीक के जरीये उनसे ‘चुगद’ का अप्वॉइण्टमेण्ट ऑर्डर जो महालक्ष्मीजीContinue reading “कलजुग केवल चुगद अधारा!”
मेरा ब्लॉग लेखन-पठन का विवरण
मेरे ब्लॉग लेखन की पठनीयता के आंकड़े स्टैट काउण्ट के विवरण से स्पष्ट होते हैं। वह लगभग 8 महीने के आंकड़े एक ग्राफ में उपलब्ध करा दे रहा है। आप जरा पेज लोड और विजिटर्स के आकड़ों के ग्राफ का अवलोकन करें: ‘ज्ञानदत्त पाण्डेय की मानसिक हलचल’ का स्टैट-काउण्टर ग्राफ उक्त ग्राफ से स्पष्ट हैContinue reading “मेरा ब्लॉग लेखन-पठन का विवरण”
