प्रेमसागर – तामलुक से चण्डीपुर


“भईया, दोपहर तीन बजे बड़ी तेज बरसात हुई। हाईवे के ओवरब्रिज के पास तो बुरी तरह भीग गया। एक होटल दिखा। मुझे लगा कि मुझे बुखार हो गया है भीगने से।…”
प्रेमसागर की यात्रा कठिन होती जा रही है।

प्रेमसागर – तामलुक से ओडिसा की ओर


प्राचीन मंदिरों, तटीय शहरों और समुद्र की छटा, ऐतिहासिक इमारतों, सुंदर कलाकारी और काष्ठ कला का प्रांत है ओडिसा! देखता हूं, प्रेमसागर कितना दिखाते हैं!

झुरई नदी और सीताकुण्ड


इलाका हराभरा है। मोर बहुत हैं। “भईया एक बात तो मुझे समझ आती है। मोर वहां रहते हैं जहां भगवान का वास हो। यहां मोर की बहुतायत देख कार यकीन होता है कि भगवान राम यहां विद्यमान हैं।

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