रुद्राक्ष, तस्बीह और डिजिटल हज!


ज्योतिर्लिंग यात्रा विवरण तो मेरे ब्लॉग पर है ही। अब मन ललक रहा है कि किसी हाजी तो थामा जाये प्रेमसागर की तरह। उनके नित्य विवरण के आधार पर दो महीने की ब्लॉग पोस्टें लिखी जायें! वह इस्लाम को जानने का एक अनूठा तरीका होगा।

प्रेमसागर – द्वादशज्योतिर्लिंग काँवर यात्रा सम्पन्न


प्रेमसागर दो साल की अवधि मान कर चल रहे थे इस पैदल यात्रा के लिये। पर वह, विघ्न-बाधाओं के बावजूद, कल सोलह जुलाई 2022 को बाबा बैजनाथ धाम में जल चढ़ाने के साथ वह सम्पन्न हुई। साल भर से भी कम समय में।

बैजनाथ धाम की ओर प्रेमसागर


सावन की प्रतीक्षा में रास्ते में मेला की तैयारी कर रहे हैं दुकानदार। एक दिन में ही भीड़ बढ़ जायेगी। बाबा धाम में जल चढ़ाने वालों का रेला लग जायेगा।

सुल्तानगंज में प्रेमसागर


देवघर में जल चढ़ाने का कार्य परसों सावन के साथ प्रारम्भ होगा। प्रेमसागर आज सुल्तानगंज में गंगाजल उठा कर परसों बैजनाथ धाम में जल चढ़ा कर अपनी द्वादश ज्योतिर्लिंग पद यात्रा की इतिश्री कर लेंगे।

चारधाम यात्रा सम्पन्न – बद्रीनाथ को जल अर्पण किया प्रेमसागर ने


अभी दोपहर सवा दो बजे प्रेमसागर ने सूचना दी कि उन्होने बद्रीनाथ के दर्शन कर लिये हैं। वे वीडियो कॉल कर मंदिर के बाहर निकलते दिखाना चाहते थे, पर खराब नेटवर्क के कारण वह नहीं कर पा रहे। अब वे कुछ जलपान कर बद्रीनाथ से रवाना होंगे।

चारधाम यात्रा के अंतिम धाम की ओर प्रेमसागर


सवेरे जल्दी चल कर प्रेमसागर करीब 33-34 किमी चल कर कर्णप्रयाग पंहुचे थे। रुद्रप्रयाग से बदरीनाथ की पैदल यात्रा वे कर रहे हैं। केदारनाथ की यात्रा की चारधाम यात्रा एक अनुषांगिक (सबसीडियरी/एंसिलियरी) यात्रा है।