सूखे पत्ते बीनते बच्चे


सूखे पत्ते जैसी तुच्छ वस्तु, जिसका कोई मोल नहीं लगाता और जो कूड़ा-करकट की श्रेणी में आती है, किसी को इतनी प्रसन्नता दे सकती है?! गरीबी की प्रसन्नता!

धूप खिली है और लॉन में जगह जमा ली है!


पत्नीजी ने कमरे में लैपटॉप, बिस्तर और रज़ाई के कंफर्ट जोन से भगा दिया है। बताया है कि आज अलाव की भी जरूरत नहीं। आज लॉन में कुर्सियां लगा दी हैं। धूप अच्छी है। आसमान साफ है। वहीं बैठो। कमरा बुहारने दो! और सच में आज लॉन शानदार लग रहा है। कार्पेट घास का आनंदContinue reading “धूप खिली है और लॉन में जगह जमा ली है!”

सर्दी पलट कर आई


दुनियाँ के विपरीत छोर पर एक से भारतीय परिवार के सर्दी के अलग अलग अनुभव। यहां हम बर्फ नहीं देखते तो आईस और स्नो का फर्क भी नहीं करते। घर के बाहर नीम से झरी पत्तियां साफ करनी होती हैं यहां और वहां स्नो।

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