लौटे प्रवसियों की प्राथमिकता कोरोना से बचाव नहीं, रोजगार है #गांवकाचिठ्ठा


यह जो बड़ी संख्या में आबादी आ कर गांव में टिकी है, वह यह नहीं पता कर रही कि यहां अस्पताल कितने हैं; कितने बिस्तर उनमें कोविड19 के लिये हैं; … वे यह जानना चाहते हैं कि रोजगार कब, कहां और कैसे मिलेगा।

गांव लौटे लोग बिना रोजगार ज्यादा बैठ नहीं पायेंगे #गांवकाचिठ्ठा


अगर उन्हें घर पर रहते हुये एक सम्मानजनक व्यवसाय मिल जाता है, जो प्रवास से भले ही कुछ कम आमदनी दे, तो वे सब यहीं रुक जायेंगे और यह समाज और उत्तर प्रदेश की बड़ी जीत होगी।

प्रवासी मजदूर – मुख्यमंत्री की लताड़ से ही हरकत में आया प्रशासन


पिछले डेढ़ महीने से सड़कों पर आती भीड़ नहीं दिखी जिलाधीशों को? मानवता की “न भूतो न भविष्यति” वाली त्रासदी सड़कों पर लटपटाती डोलती रही और इन मित्रों को नजर नहीं आया?

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