
इस पेज पर गांवदेहात डायरी के अंतर्गत लिखी पोस्टों के लिंक हैं। मेरा आसपास घूमने-देखने का विवरण इनमें दर्ज है। जिस लेखन में मैं वास्तविक पहचान को धूमिल करना चाहता हूं, वे बरियापुर नामक काल्पनिक गांव/कस्बे में सीनियर सिटिजन होम – शांतिधाम में रहते नीलकंठ चिंतामणि के रूप में लिखी गई हैं। उनमें कल्पना के अंश हो सकते हैं, पर अनुभव तो मेरे जीवन के ही हैं।
पोस्टों की सूची हाइपर लिंक के साथ नीचे है –
- हरामी कोई गाली है?
- साइकिल और गौरैया
- साइकिल के कैरियर पर घोड़जई
- भारी हवा की सुबह
- बरियापुर में गैस सप्लाई
- बरियापुर में एनसीईआरटी पर चर्चा
- शांतिधाम में होरमुज़ – गर्मी उतरनी चाहिये
- शांतिधाम में तेल की फिक्र
- सुनील भाई ओझा के बाद गड़ौलीधाम
- करिया पासी की नेगेटिविटी
- लसमणा के दुबे बंधु
- निबड़ियाघाट का पीपे का पुल
- होरमुज़ से गुजरते जहाज का स्वप्न
- सवेरे की साइकिल सैर का मजा
- हमारे घर का सेंगोल — राजदंड
- बरियापुर के महेश उपधिया
- खाड़ी जंग — पूना से पलायन
- खाड़ी जंग से बदलता गांवदेहात
- युद्ध से मुक्ति की जुगत
- जातियों में बंटी औरतें
- हरिहर से बातचीत
- नेपाल के बारे में बतियाते जवान
- राजन भाई की गेंहू थ्रेशाई
- रविवार की सुबह
- अरुणा का बिजली स्मार्ट मीटर
- मौसम का मिजाज
