ब्लॉग से दूर!



मैं इण्टर-नेट से लगभग चार दिन दूर रहूंगा।

कभी कभी अन्य जिम्मेदारियां आपको बाकी काम का महत्व ज्यादा होने का अहसास देती हैं। और आप व्यस्तता होने पर पूरी इमानदारी से सरेण्डर कर देते हैं समय को। बीच-बीच में साक्षी भाव लाते हुये। यही सही अप्रोच है न? 

खैर यह गोलू पांड़े को सरेण्डर की मुद्रा में देखें। अगले रविवार के बाद मिलते हैं।

Surrender1