गोपालकृष्ण विश्वनाथ जी का स्वास्थ्य


परसों प्राप्त ई-मेल से श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ जी के स्वास्थ्य के विषय में पता चला: ज्ञानजी, इस लंबी अवधि की चुप्पी के लिए क्षमा चाहता हूँ। कई महीनों से ब्लॉग जगत से दूर रहा था। जाल जगत से भी संपर्क सीमित था। व्यवसाय संबन्धी कठिनाइयों के कारण और स्वास्थ्य अचानक बिगडने के कारण कई अच्छेContinue reading “गोपालकृष्ण विश्वनाथ जी का स्वास्थ्य”

मॉडर्न भौतिकी और सुंघनी


वे जवान और गम्भीर प्रकृति के छात्र हैं। विज्ञान के छात्र। मॉडर्न भौतिकी पढ़ते हैं और उसी की टमिनॉलॉजी में बात करते दीखते हैं। अधिकांशत: ऐसे मुद्दों पर बात करते हैं, जो मुझे और मेरी पत्नीजी को; हमारी सैर के दौरान समझ में नहीं आते। हम ज्यादातर समझने का यत्न भी नहीं करते – हमेंContinue reading “मॉडर्न भौतिकी और सुंघनी”

ब्लॉग चरित्र


शिवकुमार मिश्र का सही कहना है कि ब्लॉग चरित्र महत्वपूर्ण है। बहुत से ब्लॉगर उसे वह नहीं दे पाते। मेरे ब्लॉग का चरित्र क्या है? यह बहुत कुछ निर्भर करता है कि मेरा चरित्र क्या है – वह इस लिये कि आठ सौ से अधिक पोस्टें बिना अपना चरित्र झलकाये नहीं लिख सकता। एक चीजContinue reading “ब्लॉग चरित्र”

उम्र की फिसलपट्टी उतरता सीनियरत्व


मैने यह पोस्ट पोस्ट न की होती अगर मुझे प्रवीण की एक नई पोस्ट के बारे में सूचना देने की कवायद न करनी होती। यह पोस्ट ड्राफ्ट में बहुत समय से पड़ी थी। और अब तो काफी घटनायें गुजर चुकी हैं। ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के काण्ड के लिये बापी महतो को पकड़ा जा चुका है (अच्छाContinue reading “उम्र की फिसलपट्टी उतरता सीनियरत्व”

त्रासदियां – प्रवीण पाण्डेय की पोस्ट


भोपाल त्रासदी गुजर गई। वह किसी अन्य रूप में पुन: सम्भव है। ऐसी ही एक घटना सन २०१८ में घटी। उसके विषय में  प्रवीण पाण्डेय के ब्लॉग पर उनकी पोस्ट त्रासदियां में पढ़ें।