बकौल बबलू पांच लीटर दूध के साथ अभिषेक प्रारम्भ किया जाता है। शंकर जी की पिण्डी के ऊपर शंक्वाकार शृन्गी से जजमान दूध डालते हुये अभिषेक करता है। धीरे धीरे गिरता लगभग पूरा दूध लग जाता है रुद्राभिषेक में।
भारतीय रेल का पूर्व विभागाध्यक्ष, अब साइकिल से चलता गाँव का निवासी। गंगा किनारे रहते हुए जीवन को नये नज़रिये से देखता हूँ। सत्तर की उम्र में भी सीखने और साझा करने की यात्रा जारी है।
बकौल बबलू पांच लीटर दूध के साथ अभिषेक प्रारम्भ किया जाता है। शंकर जी की पिण्डी के ऊपर शंक्वाकार शृन्गी से जजमान दूध डालते हुये अभिषेक करता है। धीरे धीरे गिरता लगभग पूरा दूध लग जाता है रुद्राभिषेक में।