बरियापुर में गैस सप्लाई

गांवदेहात डायरी

मेरा क्या? फटक गिरधारी—न लोटा, न थारी! शांतिधाम की मेस वाला जाने कि मेरा भोजन कैसे बनता है। मेरे कमरे के एक कोने में एक छोटी-सी किचनेट है, जिस पर 600 वाट की बिजली की केतली और चाय का सामान रखा है। एक मिनी फ्रिज है और एक अलमारी में कुछ स्नैक्स के डिब्बे हैं। किताब पढ़कर ओटमील-टाइप बनाना भी जानता हूँ।

कमरे में झाड़ू-पोछा करने और थोड़े कप-प्लेट साफ करने वाली आती है। गांवदेहात का अंदाज़ उसी से मिलता है।

वह गौरवर्ण है, पर नाम कृष्णा है। अपने को किसना कहती है, लोग किसनी बुलाते हैं। उसने बताया—“लड़ाई चल रही है साहब। गैस नहीं मिल रही। छोटका भराते थे, अब 500 रुपये में एक किलो भर रहा है।”

किसना के नाम से गैस नहीं मिलती। उसका आधार किसी और फोन नम्बर से था। वह अब उसके पास नहीं है, तो गैस बुक नहीं कर सकती। आधार का फोन नम्बर बदलने के लिए आदमी गया था, पर लंबी लाइन देख लौट आया। सिस्टम सब हैं, पर गरीब आदमी को उन्हें हासिल करना आसान नहीं।

“हर जगह तो आधार की फोटोकॉपी मांगते हैं। कई तो पीन मांगते हैं।” — पीन यानी पैनकार्ड का विवरण। पचास हजार सालाना आमदनी वाले के पास भी पैनकार्ड होना चाहिए।

साइकिल लेकर निकला तो हवा चेक करता घुमई बोला—इंडेन वाला कह कर गया कोई कमी नहीं, दो घंटे में आता हूं। पर अभी तक नहीं आया।
घुमई भाजपा समर्थक है, पर अब थोड़ा डांवाडोल हो रहा है।

दूध की एजेंसी वाले यादव जी मिले। उनसे राम-राम हुई तो बोले—“आप तो मजे में हैं; आपको क्या फिक्र। मेरे घर तो आज गैस खत्म होने वाली है। अब देखें कब मिलेगी।”

यादव जी सपाई हैं। उन्हें अपने हिसाब से नैरेटिव बनाना है। बगल से फ्लिपकार्ट का गिग वर्कर गुज़रा—पीठ पर बड़ा पिट्ठू और मोटरसाइकिल पर दो बैग लटकाए। बोला—“देखिए, कितनी बेरोजगारी है। बेचारे थोड़ी-सी पगार के लिए पिसे जा रहे हैं।”

गैस की सप्लाई हो या गिग इकॉनमी—सब पर राजनीति है। सबके अपने-अपने नैरेटिव हैं। इसी में खाड़ी की जंग ने भी रोटियाँ सेंकने को तवा दे दिया है लोगों को।

मुझे तो बस सब देखना होता है—साइकिल चलाते हुए।

— नीलकंठ चिंतामणि
शांतिधाम, बरियापुर
12 मार्च 2026

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Published by Gyan Dutt Pandey

Exploring rural India with a curious lens and a calm heart. Once managed Indian Railways operations — now I study the rhythm of a village by the Ganges. Reverse-migrated to Vikrampur (Katka), Bhadohi, Uttar Pradesh. Writing at - gyandutt.com — reflections from a life “Beyond Seventy”. FB / Instagram / X : @gyandutt | FB Page : @gyanfb

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