गांवदेहात डायरी मैंने शायद ही कभी करिया पासी को प्रसन्न देखा हो। सर्दी, गर्मी, बरसात—सबमें वह समभाव से नेगेटिव ही रहता है। मेहनती है, पर दऊ (भगवान) को हमेशा कोसता पाया जाता है। आज वह खेत के किनारे मिला। सरसों और गेंहू की फसल अच्छी लग रही थी। लगा कि आज तो खुश होना चाहियेContinue reading “करिया पासी की नेगेटिविटी”
