हिन्दी ब्लॉगर्स दनादन कमेंट करते है? कई बार आपको लगता है कि आप (चिठेरा) कह कुछ रहे हैं, पर टिपेरे (टिप्पणीकार) एक लाइन, एक बहुप्रचलित शब्द को चुनकर दन्न से टिप्पणी कर आगे बढ़ जाते हैं. आप का मन होता है कि आप फिर से एक स्पष्टीकरण लिखें. टिपेरों का पुन: आह्वान करें – हेContinue reading “चिठेरों को टिप्पणी-निपटान की जल्दी क्यों रहती है?”
Category Archives: Humor
एक चिठ्ठा गूगल को चुनौती के लिए चाहिए
बिजनेस वीक में “Is Google Too Powerful?“ के नाम से बड़ा रोचक लेख है। मैं तर्जुमा करने की स्थिति में अभी नहीं हूं। सो कृपया आप सीधा सोर्स से पढें। लेख का मतलब यह है कि गूगल्जान (Google+Amazon) 2014 तक इतना पावरफुल हो जाएगा कि दुनिया के आनलाइन नालेज बैंक (फुटकर लोगों की खबर, मनोरंजन,Continue reading “एक चिठ्ठा गूगल को चुनौती के लिए चाहिए”
क्रिकेट पर रुदन बेचने का मौसम है मित्र!
शिव मिश्र लिखते हैं कि क्रिकेट पर मीडिया का रुख अच्छा नहीं है. मीडिया माने टीवी वाले. कई दिनों से टीवी वाले माइक और कैमरा ताने हैं. कई आतंकवादी बैनर हेडलाइन दिखा रहे हैं – “शेर हो गये ढेर” या “नाक कटा दी”. टीवी पर जो कहते हैं, उसका सार है कि “क्रिकेट वाले अच्छाContinue reading “क्रिकेट पर रुदन बेचने का मौसम है मित्र!”
