दशरथदास जी का जीवन देखने की चाह


<<< दशरथदास जी का जीवन देखने की चाह >>> प्रेमसागर ने मेला क्षेत्र से दो चरित्रों से परिचय कराया। बेतिया के श्रीकांत जी और राम रगड़ आश्रम, प्रह्लादघाट, अयोध्या के दशरथदास जी से। मैं जिस तरह की दुनियां-समाज में रह रहा हूं, उससे अलग हैं ये लोग। श्रीकांत जी बेतिया में किसी मंदिर में हैं।Continue reading “दशरथदास जी का जीवन देखने की चाह”

फुटकर पोस्ट


अरुणा अरुणा हमारे घर काम करती है। आज अपने घर से गुड़हवा सेव का लेडुआ और जोन्हरी का लेडुआ/ढूंढी बना कर लाई और मेरे पैर छू कर मेरी मेज पर एक कटोरी में रख गई। मकर संक्रांति पर इससे अच्छा और क्या हो सकता था। ताजा बना यह सब ऐसा लगा मानो गंगा नहा करContinue reading “फुटकर पोस्ट”

महाकुम्भ मेला; पहला दिन


<<< महाकुम्भ मेला; पहला दिन >>> सवेरे प्रेमसागर के चित्र मिले और विवरण वाला फोन भी आया। कल रात देर से पंहुचे थे वे मेला क्षेत्र में। दशरथ बाबा अयोध्या वाले लेने आ गये थे। रात में उन्हीं के यहां रुके प्रेमसागर। सवेरे स्नान किया। पूजा-अर्चना के बाद निकले गुड्डू मिश्रा जी की जगह परContinue reading “महाकुम्भ मेला; पहला दिन”

Design a site like this with WordPress.com
Get started