15 दिसम्बर – छोटी पोस्टें


#कड़ेप्रसाद फिर हाजिर थे। मूंग की नमकीन लिये थे। साथ में गुड़हवा लेडु‌आ भी था। बताया कि लेडु‌आ हिट हो गया है। पचास किलो तक निकल जा रहा है। पांच दस किलो तो स्कूल में मास्टराइनें ही ले ले रही हैं। इतनी जल्दी फिर आने का कारण मुझे समझ आया कि लेड़ुआ हिट होने परContinue reading “15 दिसम्बर – छोटी पोस्टें”

ओमप्रकाश मुर्गीपालक


*** ओमप्रकाश मुर्गीपालक *** उस मुर्गी खाने में झिझकते हुये मैं प्रवेश कर गया। पूर्णत: शाकाहारी और लहसुन-प्याज को भी नापसंद करने वाला उस ब्रायलर पोल्ट्री फार्म को देखने इसलिये गया कि उस व्यवसाय का कुछ गणित समझ पाऊं। इस जिज्ञासु वृत्ति के कारण मैं कई अप्रिय स्थानों पर जा चुका हूं। एक बार तोContinue reading “ओमप्रकाश मुर्गीपालक”

11 दिसम्बर की छोटी पोस्टें


[1] आज बगल के एक घर के बाहर एक लड़की और छोटा बच्चा धूप सेवन करते दिखे। लड़की स्वेटर बुनने की सलाइयों से पांवपोंछ बना रही थी। पुरानी साड़ी से लम्बे लम्बे टुकड़े जोड़ कर एक गोला बनाया था, जैसे ऊन का गोला होता है। उस लम्बे साड़ी के ‘धागे” से बुना जा रहा थाContinue reading “11 दिसम्बर की छोटी पोस्टें”

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