नीलकंठ बरियापुर के रिटायरमेंट होम में तैयार हो कर सैर पर निकलने जा रहा है। वह जूते—स्पोर्ट्स शू—पहन रहा था। झुकते ही कमर में हल्का दर्द उठा। सत्तर साल की उम्र में कभी इधर, कभी उधर दर्द होना अब रूटीन है। उससे क्या शिकायत?शरीर अपनी उम्र याद दिलाता रहता है, पर मन अपनी नहीं मानता।Continue reading “आदर्श चीफ ट्रेन कंट्रोलर गोस्वामी जी”
Tag Archives: Oral History
एक तुच्छ सी किरिच का क्या भाग्य लिखा था!
अरविंदो आश्रम, पॉण्डिचेरी या रतलाम की स्मृतियों में कई बार ऐसी कथाएँ निकल आती हैं जो मन में यूं घुमड़ती हैं कि छोड़ती ही नहीं। डॉ. हीरालाल माहेश्वरी ऐसे ही साधक थे, जिनकी बातें बार बार हम – मैं और मेरी पत्नीजी – याद करते हैं। आज उनकी याद करते पत्नीजी ने उनकी बताई एकContinue reading “एक तुच्छ सी किरिच का क्या भाग्य लिखा था!”
महराजगंज के बलदाऊ दुबे, उम्र 98 वर्ष
मैं इन दिनों महराजगंज के पुराने बाज़ार की परतें खोलने की कोशिश कर रहा हूँ। हाट, सराय, बनियों का जमाव, और वह शुरुआती कस्बाई हलचल — इन्हें समझने के लिये जीवित साक्षियों को खोजना पड़ता है। उनकी स्मृति ही असली दस्तावेज़ है। आखिर गजेटियर या कोई आर्काइव तो है नहीं खंगालने को! इसी खोज मेंContinue reading “महराजगंज के बलदाऊ दुबे, उम्र 98 वर्ष”
