मैं इन दिनों महराजगंज के पुराने बाज़ार की परतें खोलने की कोशिश कर रहा हूँ। हाट, सराय, बनियों का जमाव, और वह शुरुआती कस्बाई हलचल — इन्हें समझने के लिये जीवित साक्षियों को खोजना पड़ता है। उनकी स्मृति ही असली दस्तावेज़ है। आखिर गजेटियर या कोई आर्काइव तो है नहीं खंगालने को! इसी खोज मेंContinue reading “महराजगंज के बलदाऊ दुबे, उम्र 98 वर्ष”
Tag Archives: Oral History
जोखन: एक साइकिल मेकैनिक और गांव के मौन इतिहास का वाहक
कटका स्टेशन की पगडंडी पर चलते हुए मैं अक्सर लोगों के चेहरे देखता हूँ — कुछ जल्दी में, कुछ यूँ ही चलते हुए, कुछ अपनी-अपनी मुश्किलों में खोये हुए। पर इस बार जो चेहरा रुका, वह था जोखन।एक साधारण-सा आदमी।या पहली नज़र में साधारण-सा दिखता आदमी। धूप में थोड़ा सिकुड़ा चेहरा। सफेद होती दाढ़ी। ग्रीसContinue reading “जोखन: एक साइकिल मेकैनिक और गांव के मौन इतिहास का वाहक”
