हाँकोगे तो हाँफोगे


विवाह के तुरन्त बाद ही मुझे एक विशेष सलाह दी गयी: ’हाँकोगे तो हाँफोगे’ गूढ़ मन्त्र समझ में आने में समय लगता है| हर बार विचार करने में एक नया आयाम सामने आता है। कुछ मन्त्र तो सिद्ध करने में जीवन निकल जाते हैं। यह पोस्ट श्री प्रवीण पाण्डेय की बुधवासरीय अतिथि पोस्ट है। प्रवीणContinue reading “हाँकोगे तो हाँफोगे”