नाऊ


पिलानी में जब मैं पढ़ता था को कनॉट (शिवगंगा शॉपिंग सेण्टर को हम कनॉट कहते थे) में एक सैलून था। वहां बाल काटने वाला एक अधेड़ व्यक्ति था – रुकमानन्द। उसकी दुकान की दीवार पर शीशे में मढ़ा एक कागज था – रुकमानन्द एक कुशल नाऊ है। मैं जब भी पिलानी आता हूं, यही मेरेContinue reading “नाऊ”