झाड़ू


कोई लड़का घाट की सीढ़ियों पर ट्यूबलाइट का कांच फोड़ता हुआ चला गया था। कांच बिखरा था। इसी मार्ग से नंगे पैर स्नानार्थी जाते आते हैं गंगा तट पर। किसी के पैर में चुभ जाये यह कांच तो सेप्टिक हो जाये। सवेरे घूमने जाते समय यह मैने देखा। बगल से निकल गये मैं और मेरीContinue reading “झाड़ू”