पुच्चू


दुनियां में करोड़ों कमाने वाले हैं, पर किसी की सहायता के लिये दस रुपया नहीं निकालते। यहां पुच्चू अपना सब कुछ देने में एक क्षण भी पुनर्विचार नहीं करता।