मध्यकाल से लोग कलात्मकता को नकारते रहे हैं इस इलाके में

मध्य काल में औरतों को पर्दे में बंद कर इस गांगेय प्रदेश ने जीवन के कला बोध भोथरे कर दिये हैं। आदमी भी वैसे ही हो गए हैं – चिरकुट।


मेरे स्वर्गीय पिताजी कहते थे कि कार्पेट घास का लॉन अच्छे कालीन से ज्यादा महंगा पड़ता है। हमने भदोही में रहते हुए भी कभी कालीन खरीदने की हिम्मत नहीं जुटाई। पर राम सेवक जी घर के एक छोटे हिस्से में कार्पेट घास लगा रहे हैं।

#गांवदेहात में अटपटी बात!

राम सेवक ढाई सौ वर्ग फुट के इस हिस्से में कार्पेट घास लगा रहे हैं।
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