डीग, भरतपुर, राजस्थान


प्रेमसागर ने जो चित्र उस स्थान के भेजे हैं, उनसे यह तो लगता है कि आज से चार सौ साल पहले भी उन महाराजाओं के पास बुद्धि-कौशल-तकनीकी प्रचुर थी। पर उनका समय धूमकेतु की तरह उभरा, चमका और इतिहास हो गया।

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