उनकी किताबों की अलमारी दिखती नहीं—क्योंकि होती ही नहीं। सोशल मीडिया पर एक अलग ही किस्म का साहित्यिक उत्सव चलता रहता है। कोई किताबों के मेले की तस्वीर डालता है, कोई लिटरेरी फेस्टिवल के मंच की, कोई अपनी हाल ही में खरीदी गई हार्डबाउंड किताबों की करीने से सजी हुई फोटो। लगता है— किताबें अक्सरContinue reading “किंडलियों की दुनिया”
