हनुमान जी अपने मन्दिर में ही थे। लगता है देर रात लखनऊ से लौट आये होंगे पसीजर से। लखनऊ जरूर गये होंगे फैसला सुनने। लौटे पसीजर से ही होंगे; बस में तो कण्डक्टर बिना टिकट बैठने नहीं देता न! सूर्जोदय हो रहा था। पहले गंगा के पानी पर धूमिल फिर क्या गजब चटक लाल।Continue reading “नयी सुबह”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
द्विखण्डित
कटरा, इलाहाबाद में कपड़े की दुकान का मालिक, जो स्त्रियों के कपड़े सिलवा भी देता है, अपनी व्यथा सुना रहा था – “तेईस तारीख से ही सारे कारीगर गायब हो गये हैं। किसी की मां बीमार हो गई है। किसी के गांव से खबर आई है कि वापस आ जा। तुझे मार डालेंगे, काट करContinue reading “द्विखण्डित”
भाग तीन – कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ
यह श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ की उनकी कैलीफोर्निया यात्रा के दौरान हुये ऑब्जर्वेशन्स पर आर्धारित तीसरी अतिथि पोस्ट है: सफ़ाई और कचरे का निस्तारण (garbage disposal) ========================== एक और बात आप वहाँ (कैलीफोर्निया) पहुँचते ही नोटिस करेंगे और वह है वहाँ का साफ़ वातावरण। रास्ते में कहीं भी कूड़ा-कचरा देखने को नहीं मिलेगा। जरा देखिए इसContinue reading “भाग तीन – कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ”
