और मचान बन गया


*** और मचान बन गया *** मैने खेत में एक मचान बनवाने की सोची थी, पर फिर इरादा बदल कर घर की चारदीवारी से सटा मचान बनवाने का निर्णय लिया। उस मचान से खेत, उसके आगे रेलवे स्टेशन का लेवल क्रॉसिंग का इलाका और गांव नजर आते। इस बारे में कल एक पोस्ट एक्स औरContinue reading “और मचान बन गया”

9 दिसम्बर 2024 की छोटी पोस्टें


ये पोस्टें ट्विटर और फेसबुक पर गईं – (1) कुछ चीजें बनाना/बनवाना सरल होता है #गांवदेहात में। मैं खेत में मचान चाहता था जहां बैठ कर दूर दूर तक का दृष्य देख सकूं। सामने रेल लाइन है, रेलवे क्रॉसिंग है। ट्रेनों की आवाजाही है और रेलवे स्टेशन है। खेत हैं। सड़क है। बभनान है औरContinue reading “9 दिसम्बर 2024 की छोटी पोस्टें”

स्वमित्र, दांत के डाक्टर


मेरे नीचे के इनसाइसर (काटने वाले दांत, कृन्तक) काले पड़ रहे थे। उनकी जड़ें ठीक थीं। ठंडा गरम भी इतना नहीं लगता था कि उसके उपचार की एमरजेंसी हो। पर काले दांत ऐसा आभास देते थे कि व्यक्ति तमाकू-सुरती-पानमसाला ज्यादा ही खाता है। जबकि मैं पान-सुरती खाता ही नहीं। मेरी मुस्कान और हंसी उत्तरोत्तर होठContinue reading “स्वमित्र, दांत के डाक्टर”

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