एक चिठ्ठा निकाल दिया गया नारद की फीड से. उसकी भाषा देख कर तो लगा कि उचित ही किया. व्यक्ति लिखने को स्वतंत्र है तो फीड-एग्रीगेटर समेटने में. मुझे उस बारे में चौपटस्वामी/प्रियंकर की तरह बीच बचाव करने/पंच बनने का कोई मोह नहीं है. मेरे विचार से जब तर्क और सम्वेदना में द्वन्द्व हो –Continue reading “देश में अमन है, चिठ्ठों में अराजकता”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
भाइयों, जरा चीनी का प्रयोग बढ़ाइये!
बड़ा झमेला है. चीनी के शेयर ऐसे लमलेट हैं कि बैठने का नाम नहीं ले रहे. उठ खड़े होने की कौन कहे. शरद पवार को पहले चिदम्बरम ने बीमार कर दिया जब चीनी एक्सपोर्ट पर बैन लम्बा खिसका दिया. बैन उठा भी तब जब दुनिया में चीनी की बम्पर क्रॉप सामने थी. पेट्रोल के दामContinue reading “भाइयों, जरा चीनी का प्रयोग बढ़ाइये!”
लेखक और ब्लॉगर में फर्क जाना जाये
पता नहीं स्कूल के दिनों में कैसे मुझे गलतफहमी थी कि हिन्दी मुझे बहुत अच्छी आती है बस, मेरे मन में फितूर आ गया था लेखक बनने का. जिसे मेरे पिता ने कस के धोया. उनके अनुसार अगर प्रोफेशनल डिग्री हासिल कर ली तो कम से कम रोटी-पानी का जुगाड़ हो जायेगा. मैने भी वहीContinue reading “लेखक और ब्लॉगर में फर्क जाना जाये”
