अफसरी के ठाठ और आचरण नियमों की फांस


कल मैने अपनी मजबूरी व्यक्त की थी कि मै‍ ब्लॉग पर एक सीमा तक लिख सकता हूं, उसके आगे बोलने के लिये मुझे अपने रिटायरमेण्ट तक रुकना पड़ेगा. बहुत से लोगों ने टिप्पणियों में कहा कि वे मेरे डिस्क्लोजर के लिये मेरे रिटायरमेण्ट का इंतजार नहीं कर सकते. वैसे मुझे कोई मुगालता नहीं है –Continue reading “अफसरी के ठाठ और आचरण नियमों की फांस”

बहुत अच्छा कहा खालिद मसूद जी!


पाकिस्तान में श्री खालिद मसूद, चेयरमैन, काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडिय़ॉलाजी ने कहा है कि हड़पी जमीन पर बनाये गये मदरसे और मस्जिदें शरीया के खिलाफ़ हैं. वहां की गयी प्रार्थना स्वीकार नहीं की जायेगी. कितने नेक विचार हैं. भारत में हर नुक्कड़-गली में हनुमान जी के मन्दिर, शिवजी की पिण्डी, पीर बाबा की मज़ार सार्वजनिकContinue reading “बहुत अच्छा कहा खालिद मसूद जी!”

रोज दस से ज्यादा ब्लॉग-पोस्ट पढ़ना हानिकारक है


स्टेटेस्टिकली अगर आप 10 ब्लॉग पोस्ट पढ़ते हैं तो उसमें से 6.23 पोस्ट सिनिकल और आत्मकेन्द्रित होंगी. रेण्डम सैम्पल सर्वे के अनुसार 62.3% पोस्ट जो फीरोमोन स्रवित करती हैं, उनसे मानसिक कैमिकल बैलेंस में सामान्य थ्रेशहोल्ड से ज्यादा हानिकारक परिवर्तन होते हैं. इन परिवर्तनो से व्यक्ति में अपने प्रति शंका, चिड़चिड़ापन, लोगों-समाज-देश-व्यवस्था-विश्व के प्रति “सब निस्सारContinue reading “रोज दस से ज्यादा ब्लॉग-पोस्ट पढ़ना हानिकारक है”

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