छुट्टी: चिठ्ठे पढ़ने का बकाया निपटाया जाये!


पहले कानपुर में रेल दुर्घटना हुई. फिर लोगों ने उसपर बहुत से सवाल पूछे. लोगों को जवाब देते बड़ा अच्छा लग रहा था, यद्यपि शरीर थका था. कल भी दफ्तर में निर्णय के लिये फाइलों का ढ़ेर और डाक बक्सा भरा था. रोज की ब्लॉग पोस्ट लिखने का स्व निर्धारित नियम पालन करने के जुनूनContinue reading “छुट्टी: चिठ्ठे पढ़ने का बकाया निपटाया जाये!”

गूगल सर्च – मीडिया ही सयाना नहीं है खबर जानने में!


आज का दिन गूगल सर्च की पोस्टों के नाम ही! बस, आपके झेलने के लिये यह आज की दूसरी और अंतिम पोस्ट है. और फिर गूगल सर्च की पोस्ट बन्द.खबर सूंघने-जानने को मीडिया ही शेर नहीं है. ट्रैफिक पैटर्न – चाहे वह रेल का हो या टेलीफोन का, मीडिया से पहले खबर का ट्रिगर देताContinue reading “गूगल सर्च – मीडिया ही सयाना नहीं है खबर जानने में!”

बिल गेट का 640KB वाला कोटेशन


कल मुझे इण्टरनेट सर्फ करते फिर कहीं पर बिल गेट का 640KB वाला कोटेशन दिखा: “640KB किसी के लिये भी पर्याप्त होना चाहिये.” —(तथाकथित रूप से बिल गेट्स, 1981) बिल गेट्स ने स्वयम कहा है कि यह उन्होने नहीं कहा और शब्द उनके मुह में डाले जा रहे हैं. (यद्यपि दाल में कुछ काला लगताContinue reading “बिल गेट का 640KB वाला कोटेशन”

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