डेंगू, पपीता, बकरी और ड्रेगन फ्रूट


डेंगू का दोहन करने के लिये मैं क्या कर सकता हूं? मैं बकरी पालन तो कर नहीं सकूंगा। पर पपीता के पौधे लगा सकता हूं। उससे डेंग्फ्लेशन (Dengue-inflation) के समय मार्केट का दोहन कर शायद करोड़पति बन सकूं! :)

पीयूष वर्मा के तैलीय औषध पर फीडबैक


फिलहाल यह माहौल तो मेरे साथ बना ही है कि पैदल चल रहा हूं। खूब साइकिल चला रहा हूं और अपने घर के बगीचे के कड़े अमरूद खाने में बगीचे के अनामंत्रित अतिथि – तोतों के झुण्ड – से स्पर्द्धा कर ले रहा हूं।

आलसी आंख की शल्य चिकित्सा


आलसी आंख छ दशक बाद चैतन्य – देशज भाषा में छटपट – बनी! देर से ही सही, मेरी लुगाई जी पुनर्योवना हो रही हैं और हम जो हैं सो ही हैं! :-)

Design a site like this with WordPress.com
Get started