“यह टीका वीका सब ढकोसला है”


“लोग टीका लगवा कर सोच रहे हैं कि अमृतपान कर लिया। अब कुछ हो नहीं सकता उनको। पर किसी को नहीं मालुम कि टीका कितना प्रभावी है। कितनी एफीकेसी है। कितने समय तक उसका फायदा होगा।”

नई पौध के लिये नर्सरी तो जाना ही है! #गांवकाचिठ्ठा


नर्सरी जा कर कुछ मोगरे के पौधे तो लाने ही हैं। यूं, कोरोना काल में बाहर निकलने का खतरा तो है। … पर सावधानी से डर को किनारे करते चलना है।

गांवदेहात में नजदीक आता कोरोनावायरस और बढ़ता तनाव


कोरोना फैलाव से तनाव बढ़ रहा है तो वह जातिगत सम्बंधों में दिखने लगा है। जाति समीकरण भंगुर प्रतीत होते हैं। मनरेगा में भी एक जाति वाले दूसरी जातियों से सोशल डिस्टेंस बना कर काम कर रहे हैं।

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