वह आदमी दुबला सा, गौरैया जैसा था। ओरोंथोलॉजिस्ट सलीम अली की तरह— शांत, पर्यवेक्षक। स्पेंसर्स के सुपर बाजार में अपनी बुर्का पहने पत्नी के साथ। ट्रॉली नहीं लिये था, एक बास्केट में थोड़ा सामान लेने आये थे दंपति। मेरी ओर देखा तो मैने कह दिया – आपकी पर्सनालिटी बहुत आकर्षक लग रही है।” वे मुस्कुराए,Continue reading “इकराम अंसारी”
