नैनी से चित्रकूट #प्रेमसागर


अपने परिचय के लिये प्रेमसागर ने ब्लॉग खोला। और उसमें से भरभरा कर सैकड़ों ज्योतिर्लिंग तथा शक्तिपीठ पदयात्रा की पोस्टें निकल पड़ीं तो प्रेमसागर का दर्जा आम साधू से बढ़ कर महात्मा का हो गया। उसके बाद उनका पर्याप्त आदर सत्कार हुआ।

खराना डीह से बूढ़ा पुष्कर


देश में सैंकड़ों-हजारों बरसाती छोटी नदियां या तो मर गयी हैं या नालों में रूपांतरित हो गयी हैं। रूपनगढ़ नदी भी उनमें से एक होने जा रही है। प्रेमसागर के माध्यम से साम्भर झील की इस प्रमुख नदी की दशा का पता चला।

तुम्हारे पहनावे से हमारे बच्चों को डर लगता है!


यही आशा की जाती है कि आगे कोई विधर्मी बच्चे प्रेमसागर से न डरें और डरें भी तो उनके माई-बाप उसे ले कर धार्मिक वैमनस्य न बोयें। इस देश में सब भय से मुक्त रहें और निर्बाध आ जा सकें। सड़क किसी के बाप की न हो!

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