झुरई नदी और सीताकुण्ड


इलाका हराभरा है। मोर बहुत हैं। “भईया एक बात तो मुझे समझ आती है। मोर वहां रहते हैं जहां भगवान का वास हो। यहां मोर की बहुतायत देख कार यकीन होता है कि भगवान राम यहां विद्यमान हैं।

“अगले जनम में राजा बनोगे”


केले जयदेव तिवारी जी ने भेजे। महिला को प्रेमसागर ने दिये। उनकी क्षुधा मिटने पर अगले जनम में राजा बनने का आशीर्वाद पाया। राजा कौन बनेगा? प्रेमसागर या जयदेव मास्टर? पूरी कड़ी में दोनो ही महत्वपूर्ण हैं। शायद दोनो ही राजा बनेंगे।

चित्रकूट के रास्ते छिवलहा #प्रेमसागर


“भईया एक घटना की जानकारी मिली। साल छ महीने पहले यहां भी वैसी घटना हो चुकी है जैसी मेरे साथ कुंचील में हुई थी। यहां जैन पदयात्री को मुस्लिम लोगों ने घेर लिया था। कारण वही बताये – तुम्हारी पोशाक से हमारे बच्चे डर रहे हैं।

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