कई दिन से मुझे लगा कि सिविल लाइंस में कॉफी हाउस देखा जाये. मेरे साथी श्री उपेन्द्र कुमार सिंह ने इलाहाबाद में दोसा रिसर्च कर पाया था कि सबसे कॉस्ट-इफेक्टिव दोसा कॉफी हाऊस में ही मिलता है. अफसरी में पहला विकल्प यह नजर आता है कि “चपरासी पैक करा कर ले आयेगा क्या?” फिर यहContinue reading “इण्डियन कॉफी हाउस – बीते जमाने की वर्तमान कड़ी”
