व्यंगकारोँ की टोली की बढ़ती जनसंख्या का खतरा :-)


जब से शिवकुमार मिश्र की सेतुसमुद्रम पर चिठ्ठी वाली पोस्ट चमकी है, तबसे हमें अपनी दुकानदारी पर खतरा लगने लगा है. उस पोस्ट पर आलोक पुराणिक ने टिप्पणी कर कह ही दिया है कि व्यंगकारों की ***टोली में जन संख्या बढ़ रही है और शिवकुमार को हमारे कुसंग से प्रभावित नहीं होना चाहिये. शिवकुमार मिश्रContinue reading “व्यंगकारोँ की टोली की बढ़ती जनसंख्या का खतरा :-)”

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