सत्रह हजार से कम में मिनी-लैपटॉप


यह पोस्ट श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ नें भेजी है। एक गैजेट पर पोस्ट है। है बड़े काम का; और जेब पर भी बोझ न डाले, ऐसा लग रहा है यह गैजेट। आप उन्ही के शब्दों में पढ़ें-

कुछ दिन पहले मैंने टिप्प्णी करते हुए कहा था कि मैंने अपनी पत्नी का हैण्डबैग उनसे ले लिया है और उन्हें लौटाऊंगा नहीं। असल में एक चीज पर दिल लगा लिया था और उसके बारे में दो  या तीन सप्ताह तक सोच सोच कर थक गया था, उसे आखिर खरीद ही लिया मैने। और उसे सुरक्षित रखने के लिए मेरी पत्नी का हैण्डबैग एक दम उपयुक्त निकला।
 
दुनिया में सबसे छोटा लैपटॉप पी सी, ASUS Ee PC, 512 MB Ram, (केवल) 4GB सॉलिड स्टेट हार्ड-डिस्क, (केवल) 7″ का स्क्रीन साइज, और एक संपूर्ण Qwerty की-बोर्ड के साथ पिछले रविवार को खरीदा मैने। वजन है केवल 900 ग्राम के आसपास। दाम केवल 16,950/- रुपये। आकार 225x160x20 मिलीमीटर3 जो किसी महिला के हेण्डबैग के अन्दर आसानी से फ़िट हो सकता है।
asus and normal laptop size comparison

« तसवीर देखिए जिससे आप सामान्य लैपटॉप और इस लैपटॉप के साईज़ में अंतर देख सकते हैं। Xandros लिनक्स OS,  Open Office और कई सारे Utilities इसमें पहले से ही लोड किये गए हैं. वायरलेस इण्टरनेट, लैन,  वेब-कैम, माइक्रोफोन, स्पीकर्स, 3 USB पोर्ट, मेमोरी कार्ड, टेलीफोन जैक वगैरह भी इसमे मिल जाएँगे। डिस्क का स्पेस और स्क्रीन का साइज कम है लेकिन इसे छोड़कर यह पीसी सामान्य लैपटॉप पीसी से क्षमता या उपयोगिता में कम नहीं। मेमोरी कार्ड और पेन ड्राइव अगर साथ हो तो डिस्क-स्पेस की कमीं कोई गंभीर अड़चन नहीं होगी। (कम से कम मेरे लिए।)
इस पीसी से मैं बेहद खुश हूँ। आप लोगों को इसे खरीदने का करण भी बता देना चाहता हूँ।
 
बहुत दिनों से अपना सीधा साधा मोबाईल फ़ोन त्यागकर, एक हाई-एण्ड (मंहगा वाला) मोबाइल फ़ोन खरीदना चाहता था जैसा आजकल के नौजवान सोफ़्टवेर वाले लेकर घूमा करते हैं। Blackberry, Nokia communicator,HTC advantage  वगैरह के बारे में सोचता था। लगभग ३०,००० रुपये का बजट था मेरा। लेकिन बहुतों ने सलाह दी के यह सब महँगे गैजेट्स के साथ केवल कुछ दिनों का हनीमून चलता है और फ़िर यह केवल आम मोबाइल फ़ोन जैसा ही काम आता है। ज्यादा से ज्यादा कभी कभार एकाध फ़ोटो खींचते हैं और वह भी अच्छी नहीं आती – उसमे कैमेरा केवल 1.3 मेगापिक्सल का होता है।
 
इन गैजटों का पीसी जैसा प्रयोग लोग शुरू में कुछ दिनों के लिए ही करते हैं और बाद में छोड़ देते हैं। दो इन्च का स्क्रीन साइज़ और अंगूठे से चलने वाला की-बोर्ड से क्या उम्मीद रख सकते हैं? कुछ दिनों बाद यह केवल एक बहुत महँगा और फैंसी फ़ोन बन जाता है जिसका खो जाने का डर हमेशा रहता है।
 
मेरे लिए, संपूर्ण पोर्टेबिलिटी के साथ, मूल PC की शक्ति और अंतर्जाल क्षमता अनिवार्य शर्त थी। क्या हुआ अगर मैं इसे अपने जेब में लेकर घूम नहीं सकता? भारी ब्रीफ़केस उठाना नहीं चाहता था लेकिन कंधे पर हैण्डबैग लटकाने से मैं बिलकुल कतराता नहीं हूँ।
 
कमर बेल्ट पर लगा अपना पुराना साधारण मोबाईल फोन के साथ इस पीसी का उपयोग के बारे में सोचने लगा। इसे मैं “अतिरिक्त” पीसी मानता हूँ, मेरा डेस्कटॉप PC का विकल्प नहीं। दफ़्तर में यह छोटी पी सी मेरे लिए उपयुक्त नहीं होगा। लेकिन दफ़्तर के बाहर, सामान्य लैपटॉप भी मेरे लिए भारी और असुविधाजनक साबित होता है। बहुत सोचने के बाद इसे खरीद लिया।
 
खरीदते समय ब्लॉगर “पीडी”, (प्रशांत प्रियदर्शी, जो मुझसे मिलने आये थे) मेरे साथ थे। उनकी राय/टिप्पणी भी आमंत्रित है।
 
Asus Ee PC के पूरे तकनीकी विवरण आप देखिए और तय कीजिए के यह यंत्र आपके लिए ठीक रहेगा कि नहीं।
 
एक और बात कहनी है। अभी तक इसपर हिन्दी में कैसे टाइप करेंगे, इस प्रश्न का उत्तर नहीं मिला है। बरहा सोफ़्टवेर, जिसका प्रयोग मैं करता हूँ लिनक्स में काम नहीं करता। फ़िलहाल, अंग्रेज़ी में टाईप करके, बाद में पेन ड्राइव के जरिए उसे डेस्कटॉप पर ट्रान्स्फ़र करके उसे बरहा में चेप देता हूँ। इससे मैं सन्तुष्ट नहीं हूँ। कोई हल निकालना ही पढेगा।
 
अपने अनुभवों के बारे में आगे भी बताऊँगा। जाते जाते एक और आखरी बात – पत्नी आजकल (पिछले दो महीनों से) USA गई है, मेरी बेटी के साथ कुछ समय बिताने। अब आप समझ गए होंगे कि आजकल इतना समय कहाँ से निकाल लेता हूँ ब्लॉग लिखने और टिप्पणी करने के लिए। सीधी सी बात है, अकेलेपन से लड़ने के लिए इससे अच्छा नशा कहाँ? बस, कुछ ही दिनों की बात है और वह लौट रही है। इस पीसी को देखकर, मुझे डर है कि कहीं वह मुझसे यह पीसी छीन न लें। आखिर फेमिनाइन लॉजिक जैसी कोई चीज़ भी होती है। हैण्डबैग आखिर उनका है,  उसके अन्दर रखी चीज़ खरीदने वाले पति भी उसके, तो वह  चीज़ भी उसकी  क्यों नहीं?
 
आज के लिए बस इतना ही। फिर कभी मिलेंगे ज्ञानजी के ब्लॉग पर।
 
शुभकामनाएं
गोपालकृष्ण विश्वनाथ


Published by Gyan Dutt Pandey

Exploring rural India with a curious lens and a calm heart. Once managed Indian Railways operations — now I study the rhythm of a village by the Ganges. Reverse-migrated to Vikrampur (Katka), Bhadohi, Uttar Pradesh. Writing at - gyandutt.com — reflections from a life “Beyond Seventy”. FB / Instagram / X : @gyandutt | FB Page : @gyanfb

25 thoughts on “सत्रह हजार से कम में मिनी-लैपटॉप

  1. सुन्दर. इधर उधर लाना लेजाना सुविधाजनक.लिनक्स पर हिन्दी बहुत शानदार चलती है. रविरतलामीजी कहाँ है? बताईये भाई.

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  2. पाण्डेय जी ये ASUS EEE PC 701 है। इसी आकार और भार मे ASUS EEE PC 900 11 जुलाई से आने वाला है। 12 GB, HDD, 1GB RAM, 0.9 GHz, Celeron M Processor.यहाँ देखियेकीमत ३४९ € मात्र

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  3. श्री अनूप शुक्ल जी की ई-मेल से टिप्पणी -आपका ही ब्लाग क्यों इत्ता नखरे दिखा रहा है कि टिप्पणी करने नहीं दे रहाहै ,प्रोफ़ाइल भरने नहीं दे रहा है।विश्वनाथ जी का आलेख अच्छा है। लेकिन इत्ता डरने की कौन सी बात हैपत्नीजी से। समझायें जरा विस्तार से।

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  4. जानकारी तो बहुत अच्‍छी हैज्ञान जी चाहे अपना दें ज्ञानया दिलवायें किसी से भीउसका नहीं है कोई जोड़मुझे भी चाहिए एक ऐसाही हथेलीटॉप बेजोड़जब इस पर हो जायेहिन्‍दी में काम करना संभवएक नई पोस्‍ट और लगानातब तक हम अपना मनमार कर बैठे हुए हैंहमें उठाना अब पी डीका है कामउनका है बड़ा नामजो अब और बड़ाहोने वाला है.

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  5. प्रशान्त(पीडी)के विश्वनाथ जी से भेंट सम्बन्धी आलेख में इस चार जीबी वाले लेपटाप का उल्लेख था। तभी से इस के बारे में जानने की उत्सुकता थी। आज विश्वनाथ जी ने उस के बारे में प्रायोगिक जानकारी उपलब्ध करा दी है। अच्छा यंत्र है, बहुत उपयोगी सिद्ध होगा।

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  6. कोई भी गैजेट जो आपकी जरुरतों को पूरा करने में सक्षम है, वो आपके लिए सर्वोत्तम है. मैने कल ही अपने लिए acer का लैपटॉप १२” स्क्रिन, १६० जीबी हार्ड ड्राईव, DVD RW, 2GB RAM, वजन मात्र १.९ kg, बिल्ट इन कैमरा, विन्डोज विस्टा, travel friendly खरीदा है. हिन्दी वगैरह की कोई प्राब्लम नहीं और कीमत भारतीय रुपयों में लगभग २५०००..मैं भी बहुत खुश हूँ इससे. सुन्दर तो खैर है ही.गैजेट तो आज लिजिये और कल नया देख ललचाईये वाले आईटम हैं. :)सिस्टम के मामले में जरा कन्जरवेटिव विचार धारा वाला हूँ..पतनशील न भी कहलाऊँ तो प्रगतीशील तो कतई नहीं..इसलिये लिनिक्स पर अब तक नहीं जा पाया. विन्डोज से बहुत खुश हूँ और कुछ अलग दिखने का ज्यादा शौक भी नहीं. हा हा!!

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  7. आइटम तो वाक़ई जोरदार है सरजी, लेकिन अपने काम का नहीं। मैं तो एच-पी डेस्कटॉप पर विण्डोज़-विस्टा की तमाम सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहा हूँ। तकनीक के मामले में मेरा हाथ थोड़ा तंग है। ज्ञानजी ने कुछ बताने की कोशिश की भी तो बात आगे नहीं बढ़ पायी। ब्लॉग लेखकों के लिए कम्प्यूटर चलाने का कोई आसान, सस्ता, सुन्दर और टिकाऊ कोर्स हो तो जरूर बताइएगा।

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