बंधुआ मजदूरी का आधुनिक रूप 


रैट रेस में अपने को पेरते लोग — क्या बंधुआ मजदूर हैं? मैं साइकिल ले कर ईंट भट्ठा वाले मजदूरों को देखता हूं और स्लिंग बैग लिये बम्बई की सबर्बन ट्रेन में बैठे मोबाइल पर फेसबुक स्क्रॉल करते या ट्रेन के गेट पर रील बनाते नौजवान की कल्पना करता हूं। कौन बंधुआ मजदूर है औरContinue reading “बंधुआ मजदूरी का आधुनिक रूप “

पुराने कपड़ों से रजाई बनाने वाले


<<< पुराने कपड़ों से रजाई बनाने वाले >>> घर के बगल की महुआरी में आये हैं पुराने कपड़े से रजाई-गद्दे बनाने वाले। तीन दिन से डेरा किया है। मेरी पत्नीजी की सहायिका अरुणा अपने इक्कीस किलो पुराने कपड़ों से तीन रजाइयां बनवा लाई है। उसने हमें बताया तो हम (पत्नीजी और मैं) देखने गये। महुआरीContinue reading “पुराने कपड़ों से रजाई बनाने वाले”

मिर्च और इडली दोसा का बैटर


***<<< मिर्च और इडली दोसा का बैटर >>>*** आज दोसा बहुत शानदार बना। मदरासी कैफे वाला भी क्या बनायेगा वैसा। मेरी पत्नीजी ने कहा कि यह जरूर सौ रुपये का मिलेगा। केवल सौ रुपये? मेरे ख्याल से वे बहुत कम कीमत लगा रही हैं। दोसे में पनीर भी घिस कर भरा हुआ था। पनीर केContinue reading “मिर्च और इडली दोसा का बैटर”

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