ब्रॉडबैण्ड, बाटी-चोखा और चालू चाय


मैं अपने घर और अपने मोबाइल के लिये ब्रॉडबैण्ड/वाईफाई/इण्टरनेट की सुविधा की तलाश में बीएसएनएल दफ्तर के पास घूम रहा था। मेरे साथ थे मेरे सहकर्मी राजेश। सड़क के किनारे 2जी/3जी सिम बेचने वाले यूं बैठे थे, जैसे चना-चबैना बेचने वाले बैठे हों। यह सोच कर कि कहीं ये फर्जी नाम से सिम न टिकाContinue reading “ब्रॉडबैण्ड, बाटी-चोखा और चालू चाय”