घुमंतू आयुर्वेदिक डाक्टर


आयुर्वेद का अपना अनुशासन है, पर उसका मानकीकरण नहीं हुआ है। दवाओं का बनाना और उनका वितरण भी उतना पारदर्शी नहीं है, जितनी अपेक्षा की जानी चाहिये। इसके अलावा, रागदरबारी के बैद जी की बकरी के लेंड़ी वाली दवायें भी बेशुमार हैं।

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