अतिथि – श्री नारायण शुक्ल और उनकी टीम


यह तो साफ हो ही गया कि मेरे ब्लॉग को बहुत चाव से उन्होने पढ़ा है और इस गांवदेहात के बहुत से पात्रों से वे परिचित हो गये हैं। सिंगापुर में रहता कोई व्यक्ति अगर उस तरह का परिचय पा लेता है तो और क्या कहूं – ‘मानसिक हलचल’ धन्य हो गया।

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