टेक-फ्यूडलिज्म,चैटजीपीटी और स्पीचीफाई


साम्यवाद तारतार हो गया मेरे जीवन के दौरान। समाजवाद (भारत में) परिवारवाद मात्र बन कर रह गया है। पूंजीवाद क्या इसी तरह खत्म हो कर टेक-सामंतवाद को इलाका सौंप दे देगा? आगे क्या होगा, समय ही बतायेगा।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free