सवेरे साढ़े आठ बजे पंहुच जाता हूं मैं बाबा प्रधान की दुकान पर। और वे खोलने लगते हैं महराजगंज का अतीत। बाबा प्रधान अगर मुंह में पान मसाला या सुरती लिये होते हैं तो मुझे देखते ही बाहर निकल कर एक कोने में मसाला थूंक कर बगल की चाय की दुकान पर चाय का ऑर्डरContinue reading “महराजगंज – काशी राज्य की एक आउटपोस्ट”
