महराजगंज के बलदाऊ दुबे, उम्र 98 वर्ष


मैं इन दिनों महराजगंज के पुराने बाज़ार की परतें खोलने की कोशिश कर रहा हूँ। हाट, सराय, बनियों का जमाव, और वह शुरुआती कस्बाई हलचल — इन्हें समझने के लिये जीवित साक्षियों को खोजना पड़ता है। उनकी स्मृति ही असली दस्तावेज़ है। आखिर गजेटियर या कोई आर्काइव तो है नहीं खंगालने को! इसी खोज मेंContinue reading “महराजगंज के बलदाऊ दुबे, उम्र 98 वर्ष”

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