टुन्नू पंडित सुनाते हैं पुराने समय का हाल


कंकड़हिया सड़क – गंगा के कंकरों को जगह जगह गड्ढे भरता और धुरमुस से पीटता आदमी गांव से लालानगर तक जाता था। दिन भर के काम पर उसे चार आना मजूरी मिला करती थी। फागुन से पहले सड़क यूं रिपेयर होती थी और उसके बाद गुड़ का बैलगाड़ियों का काफिला निकला करता था तिलंगा से। Continue reading “टुन्नू पंडित सुनाते हैं पुराने समय का हाल”

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