शांतिधाम में होरमुज़ – गर्मी उतरनी चाहिये


गांवदेहात डायरी   बरियापुर के गंगा किनारे पर नदी घूमती हैं। घाट पर खड़े हो कर देखता हूं तो बांये और दांये सिर घुमाने पर वह घुमाव साफ नजर आता है। खाड़ी में युद्ध चल रहा है तो मन में नदी नहीं, होरमुज़ की खाड़ी में ओमान का वह टिप नजर आता है।नक्शे में जगहContinue reading “शांतिधाम में होरमुज़ – गर्मी उतरनी चाहिये”

बरियापुर में एनसीईआरटी पर चर्चा


गांवदेहात डायरी बरियापुर का शांतिधाम नये युग में पुराने का घालमेल है। गंगा किनारे से एक किलोमीटर दूर है। गंगा वहाँ यू-टर्न लेती हैं, इसलिए शांतिधाम से नदी एक किलोमीटर दक्षिण में है और लगभग उतनी ही दूर पूरब और पश्चिम में भी। अभी यहाँ सात लोग आकर रहने लगे हैं—जीवन के तीसरे चरण में।Continue reading “बरियापुर में एनसीईआरटी पर चर्चा”

बरियापुर में गैस सप्लाई


गांवदेहात डायरी मेरा क्या? फटक गिरधारी—न लोटा, न थारी! शांतिधाम की मेस वाला जाने कि मेरा भोजन कैसे बनता है। मेरे कमरे के एक कोने में एक छोटी-सी किचनेट है, जिस पर 600 वाट की बिजली की केतली और चाय का सामान रखा है। एक मिनी फ्रिज है और एक अलमारी में कुछ स्नैक्स केContinue reading “बरियापुर में गैस सप्लाई”

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