खाड़ी जंग — पूना से पलायन 


गांवदेहात डायरी  अठारह साल का है राज जाटव। मेरे गांव से पूना गया था आठ महीने पहले। पहली बार गांव से बाहर निकला था—कमाने, अपने चाचा के साथ। पर पिछले महीने की अंतिम तारीख को खाड़ी की जंग शुरू हो गई। कम्पनी का नाम बताया—पूजा इंजीनियरिंग। चार चक्का कारों के बियरिंग बनाती है। राज केContinue reading “खाड़ी जंग — पूना से पलायन “

बरियापुर के महेश उपधिया


गांवदेहात डायरी महेश उपधिया के बब्बा के पास आसपास के गांवों में एक सौ तीस बीघा खेत थे। सवेरे लाठी लेकर निकलते तो सांझ हो जाती थी, सब खेत-बारी देख कर लौटने में। बीच रास्ते उपधिया की पाही पर उनका नौकर खिचड़ी, दही, बाटी-चोखा और दाल जैसा कुछ बना कर रखता था। बब्बा एक-दो घंटाContinue reading “बरियापुर के महेश उपधिया”

हमारे घर का सेंगोल — राजदंड


गांवदेहात डायरी पोर्टिको में चाय-अनुष्ठान का चरित्र अब पक्षियों की संख्या और उनकी प्रजातियों की विविधता के साथ बदल गया है। अब कौए बढ़ गये हैं—पहले आठ-दस हुआ करते थे, अब दो दर्जन या उससे भी अधिक। मुंडेर या ऊँची जगहों पर बैठे वे पोर्टिको की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। फीकी नमकीन का डिब्बाContinue reading “हमारे घर का सेंगोल — राजदंड”

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